जिले के सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजनन्यूज़ पॉलिटिक्स 

जिले के सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन

देवास :राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवास श्री योगेश कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में दिनांक 12 दिसम्बर 2020 शनिवार को जिले के समस्त न्यायालयों में वृहद स्तर पर ’नेशनल लोक अदालत’ का आयोजन किया गया।

नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर किया गया।  इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश श्री रमेश कुमार श्रीवास्तव, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री एम.एस.ए. अन्सारी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री शमरोज खान, द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश श्री गंगाचरण दुबे, चतुर्थ अपर जिला न्यायाधीश श्री विकास भटेले, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं न्यायाधीशगण श्री अवधेश कुमार श्रीवास्तव, श्री हेमराज सनोडिया, श्री मनीष कुमार पाटीदार, श्रीमती पद्मा राजौरे तिवारी, श्रीमती वर्षा भाटी, श्री संजोग सिंह वाघेला, श्री विष्णुकांत मिश्रा, सुश्री रेखा पाराशर, सुश्री दिव्या रामटेके, श्री विजिताश्व पुष्कर, श्री राजेश अंशेरिया, अध्यक्ष अभिभाषक संघ श्री मनोज हेतावल, शासकीय अधिवक्ता श्री सुधीर नागर सहित लोक अभियोजन अधिकारीगण, अधिवक्तागण, नगर निगम के अधिकारी एवं पक्षकारगण उपस्थित थे।

जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवास श्री योगेश कुमार गुप्ता ने विद्युत कंपनी, नगर निगम, बैंक, बीमा कंपनी के स्टाल पर जाकर तथा प्रत्येक खंडपीठ का भ्रमण कर समस्त संबंधित को लोक अदालत में अधिक से अधिक से अधिक संख्या में प्रकरण के निराकरण हेतु प्रेरित किया ।  नेशनल लोक अदालत में सिविल, आपराधिक, विद्युत अधिनियम, एनआईएक्ट, चैक बाउन्स, श्रम मामले, मोटर दुर्घटना दावा, आदि विषयक प्रकरणों के निराकरण हेतु जिला मुख्यालय देवास एवं तहसील स्तर पर सोनकच्छ, कन्नौद, खातेगांव, टोंकखुर्द एवं बागली में 32 न्यायिक खंडपीठों का गठन किया गया।

नेशनल लोक अदालत में संपूर्ण जिले में न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में से 4177 प्रकरण एवं 8330 प्रिलिटिगेषन प्रकरण निराकरण हेतु रखे गए। जिनमें से आपसी सुलह समझौते और राजीनामा द्वारा लंबित प्रकरणों में से 22796539 रू. राशि के 421 लंबित प्रकरण एवं 17350327 रूपए राशि के 3135 प्री-लीटिगेशन प्रकरण निराकृत किए गए ।

नेशनल लोक अदालत में निराकृत प्रकरणों की जानकारीः-

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्री शमरोज खान ने बताया गया कि नेशनल लोक अदालत में संपूर्ण जिले में न्यायिक खंडपीठों में न्यायालयों के लंबित प्रकरणों में से राशि  22796539 रूपए राशि के 421 प्रकरण निराकृत हुए। जिसमें न्यायालयों में लंबित नियमित प्रकरणों में आपराधिक प्रकरण 117, चैक बाउन्स 48, मोटर दुर्घटना दावा के 59, फैमेली मेटर्स 9, सिविल 31, विद्युत 108, विविध 48 प्रकरण निराकृत हुए।
निराकृत 59 क्लेम प्रकरणों में राशि 10825500 रुपए के अवार्ड आपसी समझौते के आधार पर पारित किए गए। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के 48 प्रकरण निराकृत हुए जिनमें 6418604  रूपये के चैकों की राशि में सेटलमेंट किया गया। 2210230 रूपये की राशि के 31 सिविल प्रकरणों का निराकरण हुआ।

प्रिलिटिगेशन प्रकरणों में रूपये 17350327 रुपए राशि के 3135 प्री-लीटिगेशन जिसमें बैंक रिकवरी के 139, विद्युत के 2320, जलकर के 355 एवं अन्य 321 प्रकरण निराकृत हुए।

परिवार न्यायालय ने करवाया पांच विवाहित जोड़ों का पुनर्मिलन
कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्री एम.एस.ए. अंसारी ने कुटुंब न्यायालय में लंबित पांच पारिवारिक विवादों में पति व पत्नी के मध्य आपसी सुलह करवाकर उनका पुनर्मिलन करवाया।  इन मामलों में पति-पत्नी ने कुटुंब न्यायालय के समक्ष एक-दूसरे को हार पहनाकर पुराने विवादों को भुलाकर एक साथ रहने हेतु सहमति प्रकट की गई।  पक्षकारगण ने न्यायालय में ही जिला न्यायाधीश श्री योगेश कुमार गुप्ता एवं प्रधान न्यायाधीश श्री एम.एस.ए. अंसारी से आशीर्वाद प्राप्त किया और खुशी-खुशी साथ में रहने हेतु कोर्ट से ही घर की ओर प्रस्थान किया।

सहारा में निवेश करने वाले 59 जमाकर्ताओं को मिली राहत
सहारा क्रेडिट कोआपरेटिव सोसायटी लिमिटेड एवं स्टार्स मल्टीपरपस कोआपरेटिव सोसायटी लिमिटेड में निवेश करने वाले जमाकर्ताओं को परिपक्वता अवधि के बाद भी परिपक्वता राशि एवं ब्याज का भुगतान नहीं होने पर विधिक साक्षरता शिविर में जमाकर्ताओं द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री शमरोज खान को समस्या से अवगत कराया गया।  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त सलाह एवं जानकारी के आधार पर 59 जमाकर्ताओं द्वारा लोक अदालत में उक्त राशि दिलवाने हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत किए गए।  लोक अदालत में श्री मनीष कुमार पाटीदार की खंडपीठ में सहारा क्रेडिट कोआपरेटिव सोसायटी लिमिटेड एवं स्टार्स मल्टीपरपस कोआपरेटिव सोसायटी लिमिटेड की ओर से प्रबंधकगण एवं विधिक सलाहकार उपस्थित हुए तथा उन्होंने सेबी के निर्देशों के कारण भुगतान में विलंब होना बताते हुए लोक अदालत के समक्ष जमाकर्ताओं की राशि माह अप्रैल 2021 के अंत तक भुगतान हेतु आश्वासन दिया गया एवं लिखित अभिकथन प्रस्तुत किए गए। इस प्रकार लोक अदालत के प्रयास से जमाकर्ताओं को राहत मिली तथा उनके द्वारा जमा कराई गई राशि एवं ब्याज की राशि वापस मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

Source : www.dprmp.org

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